मेडिटेशन को हमेशा स्ट्रेस कम करने वाला माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह उल्टा असर भी कर सकता है। जब हम शांत बैठकर विचारों पर ध्यान देते हैं, तो दबी हुई चिंताएं और पुरानी यादें सामने आ जाती हैं। ब्राउन यूनिवर्सिटी की रिसर्च में भी यह बात सामने आई है।मेडिटेशन के 7 साइड इफेक्ट्स:1. बेचैनी और घबराहट - शांत बैठने पर मन की चिंताएं ज्यादा बड़ी लगने लगती हैं।2. चक्कर आना - जबरदस्ती गहरी सांस लेने से CO2 लेवल बदलता है, चक्कर आते हैं।3. अचानक रोना/उदासी - पुरानी बातें याद आने से मूड ऑफ हो जाता है।4. दुनिया से कटा हुआ लगना - सब कुछ सपने जैसा लगने लगता है।5. नींद न आना - रात में मेडिटेशन से दिमाग ज्यादा एक्टिव हो जाता है।6. शरीर में दर्द/झनझनाहट - एक ही पोजीशन में देर तक बैठने से कमर-दर्द।7. एंग्जायटी-डिप्रेशन बढ़ना - जिन्हें पहले से मेंटल इश्यू है, उन्हें ज्यादा दिक्कत हो सकती है।क्या करें: शुरुआत में सिर्फ 5-10 मिनट करें, आरामदायक जगह पर बैठें, सोने से ठीक पहले ध्यान न करें। अगर घबराहट या उदासी लंबे समय तक रहे तो मेडिटेशन रोककर डॉक्टर से सलाह लें।
दैनिकराष्ट्रीय